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Brain & Body

माइलिन / माइलिनेशन

माइलिन / माइलिनेशन
आपकी नसों पर एक चरबी जैसी परत होती है जो संकेत तेज़ी से पहुँचाती है — और आपका दिमाग़ बीसवें साल तक यह परत बढ़ाता रहता है।

वह चरबीदार आवरण जो नस के धागों को लपेटता है, जैसे बिजली के तार पर प्लास्टिक की परत। इससे संकेत तेज़ी से और सही तरीके से पहुँचते हैं। दिमाग़ पच्चीस साल की उम्र तक यह परत बनाता रहता है। माइलिन के अलग-अलग तरीके से बनने से कई न्यूरोडेवलपमेंटल स्थितियों में सोचने की गति अलग हो सकती है।

How it works

दिमाग़ नस के धागों पर माइलिन की परत चढ़ाता है ताकि बिजली के संकेत तेज़ हों और बिखरें नहीं। यह परत बीसवीं के दशक तक बनती रहती है, इसीलिए कुछ हुनर बरसों बाद अपने-आप जैसे लगने लगते हैं। माइलिन की अलग बनावट अलग-अलग न्यूरोटाइप में सोचने की गति को प्रभावित कर सकती है।

सोचें जैसे

जैसे हड्डी के अंदर का गूदा — दिखता नहीं, पर उसी से पूरी हड्डी मज़बूत और लचीली रहती है।

यह कैसा लगता है

शायद आप भी महसूस करते हैं — कुछ काम दिमाग़ में बिजली की तरह होते हैं, कुछ धीरे-धीरे। आपके लिए यह इस पर भी निर्भर है कि कौन सी राह अच्छे से ढकी है और कौन सी अभी बन रही है।